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Wednesday, 15 July 2020

भारत की इन 15 जगहों पर कम पैसौ मे बिता सकते हैं शानदार छुट्टियाँ

भारत की  इन 15 जगहों पर कम पैसौ मे बिता सकते हैं शानदार छुट्टियाँ

हर गुज़रते दिन के साथ मेरी घूमने-फिरने की बकेट लिस्ट बढ़ती जा रही है। लेकिन अफसोस मेरा बैंक बैलेंस उतनी तेज़ी से नहीं बढ़ रहा। इसलिए मैं हमेशा बजट डेस्टिनेशन की खोज में रहती हुँ जहाँ मैं सुकून के कुछ दिन बिता सकूं और इस बात की टेंशन ना सताए कि घूमने के बाद मैं कंगाल ना हो जाउँ।

इसलिए कुछ रिसर्च और अपने अनुभव के बाद मैंने अपने कुछ पसंदीदा बजट में घूमी जा सकने वाली जगहों की लिस्ट बना ली है जहाँ आप आसानी से सिर्फ 5000रुपए में बढ़िया वीकेंड गुज़ार सकते हैं।

1. बिनसर
एक वाइल्डलाइफ सफारी पर जाएँ, कुछ बढ़िया खाने का स्वाद चखें और बस पहाड़ियों की गोद में आराम से समय बिताएँ- ये सब और बहुत भी कुछ के बीच उत्तराखंड के कुमाउँ की पहाड़ियों में बसे इस छोटे से गाँव में अपना वक्त बिताएँ।

निकटतम मेट्रो शहर: दिल्ली (420 कि.मी.)

कैसे पहुँचे: बिनसर जाने के लिए सबसे अच्छा और सस्ता तरीका बस से है। कोई सीधी बस नहीं है,आपको नैनीताल और अल्मोड़ा में बदलना होगा। बस का कुल किराया लगभग ₹1,000है।

कहाँ ठहरें: यहाँ रहने के लिए कई विकल्प हैं।कमरे का किराया ₹500 प्रति रात से कम से शुरू होकर ₹10,000प्रति रात तक जाता है।

खाना और दूसरे खर्च: ₹500 प्रति व्यक्ति, प्रति दिन (लगभग)

कुल खर्च: - 1,000 - ₹ 2,000 प्रति व्यक्ति, प्रति रात

घूमने का सबसे अच्छा समय: अक्टूबर से दिसंबर के बीच


2. मुक्तेश्वर
अगर आपको एडवेंचर ट्रैवल पसंद हैं लेकिन सिर्फ ऋषिकेश में ही सिमट कर नहीं रह जाना चाहते तो रुख करें मुक्तेश्वर का। रॉक-क्लाइम्बिंग, रैपलिंग, कैम्पिंग, पैराग्लाइडिंग और ऐसे दूसरी रोमांच भरी यात्रा के लिए मुक्तेश्वर को अपनी लिस्ट में ज़रूर शामिल करें।

 निकटतम मेट्रो शहर: दिल्ली (380 कि.मी.)

कैसे पहुँचे: पहुँचने का सबसे अच्छा और सस्ता तरीका है दिल्ली से काठगोदाम तक ट्रेन और फिर काठगोदाम से मुक्तेश्वर के लिए बस। ट्रेन और बस के हिसाब से कुल किराया to ₹700 से to ₹2,000 तक हो सकता है।

कहाँ ठहरें: यहाँ पर रहने के लिए आपको ₹500 प्रति व्यक्ति प्रति रात की कीमत पर कई होटल और हॉस्टल मिल जाएँगे।

खाना और दूसरे खर्च: ₹800- ₹1,000 प्रति व्यक्ति, प्रति दिन

कुल खर्च: ₹1,200 से ₹ ​​3,600 प्रति व्यक्ति, प्रति रात

घूमने का सबसे अच्छा समय: अक्टूबर से दिसंबर और मार्च से जुलाई के बीच



3. वाराणसी
कैसे पहुँचे: दिल्ली से वाराणसी पहुँचने का सबसे सस्ता तरीका ट्रेन है। टिकट की कीमतें एक-तरफ़ा यात्रा के लिए 420 से शुरू हो जाती हैं।

 कहाँ ठहरें: वाराणसी बैकपैकर्स के बीच एक लोकप्रिय जगह है और इसलिए यहाँ कई हॉस्टल बने हुए हैं, जहाँ एक रात बिताने का खर्च मात्र ₹150 से शुरू हो जाता है।

खाना और दूसरे खर्च: ₹500- ₹700 प्रति व्यक्ति, प्रति दिन

कुल खर्च: ₹200 से ₹ ​​1,000 प्रति व्यक्ति, प्रति रात

घूमने का सबसे अच्छा समय: अक्टूबर से मार्च के बीच



4. अमृतसर
सिखों के पवित्र शहर, जिसे स्वर्ण मंदिर के लिए जाना जाता है, यहाँ अमृतसर में करने के लिए बहुत कुछ है। जलियाँवाला बाग और वाघा बॉर्डर जैसी ऐतिहासिक जगहें देखें और इस खूबसूरत शहर में दिल से बनाए लज़ीज़ खाने का स्वाद चखें।

निकटतम मेट्रो शहर: दिल्ली (450 कि.मी.)

कैसे पहुँचे: दिल्ली से अमृतसर के लिए बस लेना यहाँ पहुँचने का सबसे सस्ता साधन है। 8 घंटे की बस यात्रा के लिए टिकट पर लगभग ₹500 का खर्च आएगा। ट्रेनें भी सस्ती हैं और 6 घंटे की एक-तरफ़ा ट्रेन यात्रा का खर्च लगभग ₹600 है।

कहाँ ठहरें: अमृतसर में बजट में ठहरने के लिए कई विकल्प हैं, जहाँ यहाँ एक रात ठहरने का किराया ₹500 प्रति व्यक्ति से शुरू हो जाता है।

खाना और दूसरे खर्च: ₹500- ₹800 प्रति व्यक्ति, प्रति दिन

कुल कीमत: ₹1,200 से ₹ ​​2,500 प्रति व्यक्ति, प्रति रात

घूमने का सबसे अच्छा समय: अक्टूबर से अप्रैल



5. जयपुर
आतिथ्य, भोजन, खरीदारी और रंगीन संसकृति के साथ राजस्थान की दिल और आत्मा का अनुभव करें। प्राचीन रंगीन स्मारकों और राजपुताना इतिहास के बारे में जानें और राजस्थान के रंग में रम जाएँ।

निकटतम मेट्रो शहर: दिल्ली (270 कि.मी.)

कैसे पहुँचे: जयपुर जाने के लिए बस सबसे तेज और सबसे सस्ता ज़रिया है। 5 घंटे की बस यात्रा की लागत ₹300 से ₹800 के बीच होती है।

कहाँ ठहरें: जयपुर में हॉस्टल ₹500 प्रति रात से शुरू होते हैं।

खाना और दूसरे खर्च: ₹500- ₹1,000 प्रति व्यक्ति, प्रति दिन

कुल खर्च: ₹1,000- ₹3,000 प्रति व्यक्ति, प्रति रात

घूमने का सबसे अच्छा समय: अक्टूबर से मार्च



6. सरिस्का
राजस्थानी ठाठ-बाट और विविध वन्यजीवन को मिलाएँ और आपको दिल्ली से कुछ ही घंटों की दूरी पर एक खूबसूरत शहर सरिस्का मिल जाता है, जो आपको दोनों दुनिया का सबसे अच्छा संगम पेश करता है। यहाँ पर कुछ दिनों आराम से गुज़ारें।

निकटतम मेट्रो शहर: दिल्ली (270 कि.मी.)

कैसे पहुँचे: दिल्ली से सरिस्का के लिए कोई सीधी ट्रेन या बस नहीं है। तो आपको अलवर के लिए एक ट्रेन या बस लेनी होगी, जो सरिस्का से लगभग 37 कि.मी. दूर है। आप अलवर से सरिस्का के लिए आसानी से बस कर सकते हैं। कुल लागत लगभग ₹200 ट्रेन से और ₹300 बस से है।

कहाँ ठहरें: अलवर में रहने के ज़्यादातर विकल्प मौजूद हैं। प्रति रात का किराया ₹500 जितना कम होता है।

खाना और दूसरे खर्च: ₹600 प्रति व्यक्ति, प्रति दिन

कुल खर्च: ₹1,100- ₹2,500 प्रति व्यक्ति, प्रति रात

घूमने का सबसे अच्छा समय: अक्टूबर से मार्च



7. उदयपुर
झीलों और महलों का शहर, उदयपुर देखने लायक है। और एक बार सतही यात्रा के नीचे जाएँ तो आपको यहाँ कि रंगीन और समृद्ध संसकृति देखने को मिलती है।

निकटतम मेट्रो शहर: दिल्ली (650 कि.मी.)

कैसे पहुँचे: दिल्ली से उदयपुर तक की 11 घंटे की एक-तरफा ट्रेन यात्रा लगभग ₹400 प्रति व्यक्ति से शुरू होती है, जबकि 13-घंटे की बस यात्रा लगभग ₹600 प्रति व्यक्ति से शुरू होती है।

कहाँ ठहरें: उदयपुर में ठहरने के लिए आपको यहाँ कई विकल्प मिल जाएँगे। यहाँ आप 800रुपए प्रति रात, प्रति व्यक्ति की कीमत पर होटल में तब्दील की गई हवेलियों में भी ठहर सकते हैं।

खाना और दूसरे खर्च: ₹500 से ₹ ​1,000 प्रति व्यक्ति, प्रति दिन

कुल खर्च: ₹800 से ₹ ​3,000 प्रति रात, प्रति व्यक्ति

घूमने का सबसे अच्छा समय:अक्टूबर से फरवरी



8. दमन और दिउ
शुरूआत में गुजरात वासियों के लिए सप्ताहांत बिताने की जगह के तौर पर मशहूर दमन और दिउ बेहद खूबसूरत जगह है। सुंदर समुद्र तट, दिलकश नज़ारे और सस्ती शराब- वो तीन चीजें जो आपके एक पर्फेक्ट वीकेंड के लिए चाहिए, सब यहाँ मिलेंगी।

निकटतम मेट्रो शहर: मुंबई (दमन से 180 कि.मी.)

कैसे पहुँचे: दमन और दीउ तक जाने का सबसे तेज़ और सस्ता तरीका बस से है। बस का किराया दमन के लिए लगभग ₹200 और दीउ के लिए ₹500 से शुरू होता है।

कहाँ ठहरें: एक व्यक्ति के लिए रात का किराया ₹450 से शुरू होता है।

खाना और दूसरे खर्च: ₹250 से ₹ ​700 प्रति व्यक्ति, प्रति दिन

कुल खर्च: ₹800 से ₹3,000 प्रति व्यक्ति, प्रति रात

घूमने का सबसे अच्छा समय: अक्टूबर से मार्च



9. हम्पी
इतिहास के शौकीनों के लिए हम्पी एक जन्नत है। ये जगह आपको इतिहास की किसी किताब में ला खड़ा करती है। प्राचीन राज्यों के खंडहरों से भरे इस जगह पर एक आकर्षण है जो बेजोड़ है।

निकटतम मेट्रो शहर: बैंगलोर (352 कि.मी.)

कैसे पहुँचे: प्रमुख परिवहन विकल्प बैंगलोर को होसपेट से जोड़ता है, जो हम्पी से 12 कि.मी. दूर एक शहर है। होसपेट से आप हम्पी के लिए बस या ऑटो कर सकते हैं। सबसे सस्ता तरीका है बैंगलोर से होसपेट तक एक ट्रेन और फिर एक बस। 7 घंटे की ट्रेन की सवारी का खर्च ₹250 से शुरू होता है जबकि 5 घंटे की बस की सवारी का किराया ₹580 से शुरू होता है।

कहाँ ठहरें: हॉस्टल ₹650 प्रति रात से शुरू होता है।

खाना और दूसरे खर्च: ₹400 से ₹​​1,000 प्रति व्यक्ति, प्रति दिन

कुल खर्च: ₹1,200 से ₹ ​3,000 प्रति व्यक्ति, प्रति रात

घूमने का सबसे अच्छा समय: अक्टूबर से मार्च




10. कन्याकुमारी
भारत का सबसे दक्षिणी छोर, कन्याकुमारी प्राचीन प्राकृतिक सौंदर्य और आध्यात्मिक उत्साह का सही मिश्रण है। अगर आप हिंद महासागर की खूबसूरती को निहारते हुए कुछ वक्त खुद के भीतर झांकने के लिए निकालना चाहते हैं तो यहाँ ज़रूर जाएँ।

निकटतम मेट्रो शहर: बैंगलोर (665 कि.मी.)

कैसे पहुँचे: बैंगलोर से कन्याकुमारी पहुँचने के लिए सबसे सस्ता रास्ता बस से है। 13 घंटे की बस यात्रा का किराया ₹749 से शुरू होता है। बैंगलोर से कन्याकुमारी तक सीधी ट्रेन भी चलती है और 19 घंटे की ट्रेन यात्रा का किराया ₹450 से शुरू होता है।

कहाँ ठहरें: प्रति रात, प्रति व्यक्ति ₹700 के हिसाब से होटल का किराया शुरू होता है।

खाना और दूसरे खर्च: ₹800 से ₹1200 प्रति व्यक्ति, प्रति दिन

कुल खर्च: ₹1,500- ₹3,000

घूमने का सबसे अच्छा समय: अक्टूबर से मार्च



 11. पॉन्डिचेरी
पाॉन्डिचेरी एक ऐसी जगह है जिसकी खूबसूरती को शायद शब्दों में बयां नहीं किया सकता। आकर्षक फ्रांसीसी वास्तुकला, अनोखे समुद्र तट, सस्ती शराब और सुकून भरी शामें, इस तरह से आप अपना एक सुंदर सप्ताहांत यहाँ बिता सकते हैं।

निकटतम मेट्रो शहर: चेन्नई (165 कि.मी.)

कैसे पहुँचे: चेन्नई से पांडिचेरी जाने के लिए बस सबसे अच्छा और सस्ता तरीका है। 3.5 घंटे की बस यात्रा की लागत लगभग ₹290 है।

कहाँ ठहरें: यहाँ सस्ते दामों पर कई हॉस्टल मौजूद हैं। प्रति रात, प्रति व्यक्ति का किराया ₹300 की कीमत से शुरू हो जाता है।

खाना और दूसरे खर्च: ₹500 से ₹1,000 प्रति व्यक्ति, प्रति दिन

कुल खर्च: ₹1,000 से ₹​​3,000 प्रति व्यक्ति, प्रति रात

घूमने का सबसे अच्छा समय: अक्टूबर से मार्च




12. कोडइकनाल
दक्षिण भारत के सबसे खूबसूरत हिल स्टेशनों में से एक, कोडाइकनाल अपने रोलिंग हिल्स, टैरेस फ़ार्म और एक आरामदायक सफर के साथ एक शानदार सप्ताहांत के लिए जाना जाता है। कुछ दिन की शांति और सुकून के लिए यहाँ आएँ।

निकटतम मेट्रो शहर: बैंगलोर (465 कि.मी.)

कैसे पहुँचे: कोडाइकनाल जाने के लिए सबसे अच्छा तरीका बस से है। बैंगलोर से एक बस यात्रा 8 से 10 घंटे के बीच की रहती है और किराया लगभग ₹750 से शुरू होता है।

कहाँ ठहरें: होटल का किराया ₹450 प्रति रात, प्रति व्यक्ति की न्यूनतम कीमत से शुरू हो जाता है।

खाना और दूसरे खर्च: ₹500 से ₹800 प्रति व्यक्ति, प्रति दिन

कुल खर्च: ₹1,200 से ₹3,500 प्रति व्यक्ति, प्रति रात

घूमने का सबसे अच्छा समय:अक्टूबर से मार्च




13. दार्जिलिंग
 टॉय ट्रेन, चाय के बागान और हिमालय के व्यापक दृश्य - दार्जिलिंग तो जैसे सपनों का शहर है। इस छोटे -से पहाड़ी गाँव की हवाओं में ही रोमांस है जो आपके यहां कदम रखते ही आपको दीवाना बना देता है।

निकटतम मेट्रो शहर: कोलकाता (615 कि.मी.)

कैसे पहुँचे: कोलकाता से दार्जिलिंग पहुँचने का सबसे सस्ता तरीका ट्रेन है। यह 11 घंटे की यात्रा है और एक तरफा यात्रा की कीमत ₹750 से शुरू होती हैं।

कहाँ ठहरें: दार्जिलिंग में हर तरह के यात्री के लिए कई विकल्प हैं। बजट होटल का किराया ₹450 प्रति रात, प्रति व्यक्ति से शुरू होता है।

खाना और दूसरे खर्च: ₹500 से ₹1000 प्रति व्यक्ति, प्रति दिन

कुल खर्च: ₹900 से ₹​​3,000 प्रति व्यक्ति, प्रति रात

घूमने का सबसे अच्छा समय: अक्टूबर से दिसंबर



14. भुवनेश्वर
इतिहास और धर्म का सही मिश्रण, भुवनेश्वर, अपने सुंदर और विस्तृत मंदिरों के लिए जाना जाता है। इस देश की जड़ों को समझने और इसके खूबसूरत लोगों के इतिहास को समझने के लिए यहाँ कुछ दिन बिताएँ।

निकटतम मेट्रो शहर: कोलकाता (440 कि.मी.)

कैसे पहुँचे: कोलकाता से भुवनेश्वर के लिए सीधे बसें और ट्रेनें दोनों चलती हैं। हालांकि बसें सस्ती हैं, एक तरफ़ा यात्रा के लिए किराया ₹570 से शुरू होता है, जबकि एक-तरफ़ा यात्रा के लिए ट्रेनें लगभग ₹750 खर्चने होंगे।

कहाँ ठहरें: भुवनेश्वर एक लोकप्रिय तीर्थ शहर है और इसलिए कई सस्ती ठहरने के विकल्प हैं, जो ₹500 प्रति रात के किराए से शुरू होते हैं।

खाना और दूसरे खर्च: ₹300 से ₹ ​700 प्रति व्यक्ति, प्रति दिन

कुल खर्च: ₹800 से ₹​​2,000 प्रति व्यक्ति, प्रति रात

घूमने का सबसे अच्छा समय: अक्टूबर से मार्च




15. मंदारमणि
यह वह स्थान है जहाँ गंगा (ब्रह्मपुत्र) नदी बंगाल की खाड़ी में जा मिलती है। कई लोगों द्वारा एक पवित्र स्थान मानी जाने वाली ये जगह वास्तव में एक सुंदर प्राचीन स्थान है जो तुरंत रोजमर्रा की जिंदगी के तनाव को दूर कर सकता है।

निकटतम मेट्रो शहर: कोलकाता (170 कि.मी.)

कैसे पहुँचे: मंदारमणि जाने का सबसे सस्ता तरीका कोलकाता से बस लेना है। एक-तरफ़ा टिकट के लिए किराया ₹140 प्रति व्यक्ति से शुरू होता है।

कहाँ ठहरें: मंदारमणि में ठहरने के लिए कई होटल और रिसॉर्ट हैं। किराया ₹600 प्रति व्यक्ति, प्रति रात से शुरू होता है।

खाना और दूसरे खर्च: ₹ 300 से ₹​​1,000 प्रति व्यक्ति, प्रति दिन

कुल खर्च: ₹900 से ₹3,000 प्रति व्यक्ति, प्रति रात

घूमने का सबसे अच्छा समय: नवंबर से जनवरी






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Tuesday, 14 July 2020

उतराखंड का खुबसुरत शहर धनौल्टी: घूमने के लिए बेस्ट है ये आकर्षक हिल स्टेशन

उतराखंड का खुबसुरत शहर धनौल्टी: घूमने के लिए बेस्ट है ये आकर्षक हिल स्टेशन

अधिकतर लोगों को घूमना-फिरना पसंद होता है। लेकिन रोजमर्रा की भागती-दौड़ती जिंदगी में घर से ऑफिस और ऑफिस से घर का रूटीन होता है। ऐसी बिजी लाइफ में मन को शांति देना बहुत जरूरी होता है। ऑफिस से ज्यादा छुट्टी ना मिलने के चक्कर आप कहीं घूम नहीं पाते हैं।आपका बजट भी इतना नहीं होता कि आप कम पैसों में अच्छी जगह घूम के आ जाए।  हाँ, फिलहाल ना तो ऑफिस से छुट्टी की टेंशन है ना बिज़ी लाइफ की, लेकिन इस वक्त पर घूमने नहीं जा सकते। तो क्यो ना वक्त का अच्छा इस्तेमाल किया जाए और आने वाले अच्छे दिनों की तैयारी में कुछ ध्यान लगाया जाए। 

धनौल्टी हिल स्टेशन
जी हाँ, हम उत्तराखंड के छोटे-से हिल स्टेशन धनौल्टी की बात कर रहे हैं। यह 2286 मीटर की ऊँचाई पर स्थित है। धनौल्टी पहाड़ों से घिरा एक खूबसरत टूरिस्ट प्लेस है।

यह पहाड़ों की रानी मसूरी से सिर्फ 24 कि.मी. की दूरी पर है। और चम्बा रूट से 31 कि.मी. दूर है। धनौल्टी इन दोनों जगह के बीच में पड़ता है।
धनौल्टी एक मनमोहक और शांति से भरी जगह है। यहाँ मौसम बदलने में एक मिनट से ज्यादा नहीं लगता। कभी धूप तो कभी धूंध हो जाती है। और बारिश की बात करें तो कभी भी आपको बारिश की बूंदे भिगा सकती हैं।

यह जगह किसी जन्नत से कम नहीं है। यहाँ की प्रकृति आपका मन जीत लेगी। इसके अलावा यहाँ की प्राकृतिक और सौन्दर्य से भरी चीजें वापस नहीं जाने देंगी।
यहाँ आने का सबसे बेस्ट टाइम मार्च से जून हौता है। लेकिन ऐसा नहीं है आप रेनी सीजन में भी यहाँ आएँगे तो अपने ट्रिप को यादगार बना सकते हैं। आप सर्दियों में यहाँ बर्फ का मजा ले सकते हैं।
इस हिल स्टेशन पर आकर आप कैम्पिंग का लुत्फ उठा सकते हैं। यहाँ कई कैम्प स्थित है, जहाँ आप वन नाइट स्टे कर सकते हैं। आप पहली बार जा रहे हैं तो कैम्पिंग का मज़ा जरूर लें।

कई कैम्पों में से एक अवारा कैम्प है, जहाँ आप रुककर उल्लास और आनंद से भरी जगह का लुत्फ उठा सकते है। इन कैम्प में आपको खाने-पीने की चिंता करने की ज़रूरत नहीं हैं।
इसी के साथ कई एडवेंटर एक्टिविटीज भी कराई जाएँगी। रात के समय बॉनफायर के साथ फुल एंजॉय और खुशनुमा पल आपके साथ होगा।
अगर आप रोज सुबह उठकर योग और एक्सरसाइज करते हैं तो आप यहाँ योगासन भी कर सकते हैं। फ्रेश हवा के साथ योगाभ्यास का अनुभव आपके लिए आनंदमय होगा।
दिल्ली जैसी गर्मी से राहत और मन को शांति के साथ खुशी मिलती है। यहाँ आकर आप एक पल के लिए अपनी सारी परेशीनी भूल जाएँगे। यह आपके हमेशा के लिए यादगार पल बन जाएँगे।

ईको पार्क
धनौल्टी में आप ईको पार्क भी धूम सकते हैं। अवारा कैम्प से सिर्फ 2 कि.मी. की दूरी पर है। ईको पार्क बड़े-बड़े पेड़ों से घिरा पार्क है। यहाँ का सौन्दर्य नजारा आपका मन मोह लेगा। यहाँ मौजूद मैग्गी स्टॉल और गरमा गरम चाय की चुस्की का यहाँ कुछ अलग ही मज़ा है।

सुरखंडा देवी मंदिर
यहाँ से आप सुरखंडा देवी मंदिर की 8 कि.मी. की ट्रेकिंग भी कर सकते हैं।

 यहाँ ऐसे पहुँचे

धनौल्टी आए तो इन सब जगहों का आनंद जरूर उठाएँ। आप धनौल्टी पहुँचने के लिए दिल्ली के आईएसबीटी बस अड्डे से देहरादून तक की बस ले सकते हैं। देहरादून से मसूरी फिर यहाँ से घनौल्टी की बस ले सकते हैं।

देहरादून से सुबह-सुबह धनौल्टी की डायरेक्ट बस भी जाती है। आपका इस जगह का घूमने का खर्चा 3000 तक आएगा। जो आपके पॉकेट पर भारी नहीं पड़ेगा।
सबसे अच्छा हैं आप प्राक्रतिक खुबसुरती का आनंद लेते हुए खुद कि कार व टैक्सी से भी जा सकते हैं दिल्ली से घनौल्टी 6 से 7 घंटे, 215 कि.मी हैं का रास्ता हैं 



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भारत में 7 तरह के जल स्त्रोत है जहाँ बीमारियाँ ठीक होने की मान्यता है !

भारत में 7 तरह के जल स्त्रोत है जहाँ बीमारियाँ ठीक होने की मान्यता है !
भारत में बहुत तरह की संस्कृतियाँ, परंपराएँ और मान्यताएँ हैं | इनके चलते इस बात में कोई शक नहीं कि भारत दुनिया के सबसे विविध देशों में से एक है | इस देश के कोने-कोने में प्रकृति की ऐसे अचरज बसे है, जिनमें से कुछ तर्क के पैमाने पर खरे नहीं उतरते | देश के कई जगहों पर रहने वाले स्थानीय लोग मानते हैं कि एक ख़ास तरह के पानी के स्त्रोत में डुबकी मारने से शरीर के रोग ठीक हो सकते हैं | इनका मानना है कि एक डुबकी में ही आपके शरीर के विकार तो ठीक होंगे ही, साथ ही कोई लंबे समय से चली आ रही बीमारी भी ठीक होगी |


1. गुरुडोंगमार लेक
 कहाँ हैं : उत्तरी सिक्किम, सिक्किम

ख़ासियत: भारत की सबसे ऊँची झीलों में से एक सिक्किम की गुरुडोंगमार झील को सिखों, हिंदुओं और बौद्धों द्वारा समान रूप से पवित्र माना जाता है। कहते है कि सिखों के गुरु नानक देव जी ने एक बार झील के एक हिस्से को जैसे ही छुआ, वह हिस्सा वैसे ही जम गया | तब से स्थानीय लोग ये दावा करते हैं कि गुरुडोंगमार के पवित्र जल को पीने से इंसान को ताकत मिलेगी।



2. सहस्त्रधारा
कहाँ हैं : देहरादून, उत्तराखंड

ख़ासियत: मशहूर हिल स्टेशन देहरादून से 20 कि.मी. दूर सहस्त्रधारा का झरना अपने आप में एक अजूबा है | यहाँ के स्थानीय लोगों का मानना ​​है कि इस झरने के पानी में सल्फर की मात्रा अधिक होने से केवल एक डुबकी ना सिर्फ़ आपकी शारीरिक बीमारियों को ठीक कर सकती है बल्कि आपको मानसिक स्तर में भी सुधार कर सकती है |



3. भीमकुंड
कहाँ हैं : छतरपुर, मध्य प्रदेश

ख़ासियत : साधारण सी दिखने वाली प्राकृतिक गुफा के बीच बना ये कुंड भारत के सबसे रहस्यमयी जल स्त्रोतों में से एक है | कहावतों के अनुसार ये कुंड महाभारत काल से यहाँ मौजूद है और इसकी गहराई आज तक कोई नहीं माप पाया | डिस्कवरी चैनल का एक टीवी दल भी इस काम में असफल रहा | और तो और, प्राकृतिक आपदा आने से पहले यहाँ का जलस्तर भी बढ़ जाता है | स्थानीय लोगों का मानना है कि भीमकुंड में लगाई हुई एक डुबकी-ख़ास कर के मकर संक्रांति को- आपका स्वास्थ्य तो सुधार सकती ही है, साथ ही आपके पाप भी धो देती है |


4. मणिमहेश लेक
कहाँ हैं : मणिमहेश रेंज, हिमाचल प्रदेश

ख़ासियत : रहस्यमयी मणिमहेश, कैलाश चोटी की तलहटी में बनी ये ऊँची झील अपनी जादुई शक्तियों के लिए जानी जाती है। स्थानीय लोगों का मानना ​​है कि यहाँ का पानी मांसपेशियों को तो मज़बूत करता ही है, साथ ही शारीरिक घावों को ठीक करता है | हर साल हज़ारों श्रद्धालु इस पवित्र झील की ओर तीर्थ यात्रा करने आते हैं | श्रद्धालु झील में डुबकी लगाकर इसके चारों ओर तीन बार परिक्रमा भी लगाते हैं |


5. गंगनानी
कहाँ हैं  : गंगोत्री, उत्तराखंड

ख़ासियत : ये छोटा-सा गाँव प्रसिद्ध गंगोत्री रूट पर पड़ता है जिसकी वजह से आते जाते श्रद्धालु इस गरम पानी के सोते में डुबकी लगा लेते हैं | बहुत से लोगों का मानना है कि इस सोते में डुबकी लगाने से गंगोत्री की चढ़ाई के लिए वे तरोताज़ा तो हो ही गये, साथ ही उनके शारीरिक विकार भी दूर हो गये |



6. बकरेश्वर हॉट स्प्रिंग
कहाँ हैं : बकरेश्वर, पश्चिम बंगाल

ख़ासियत : इसके बारे में ज़्यादा लोग जानते नहीं हैं, मगर पश्चिम बंगाल के छोटे से गाँव में 10 से ज़्यादा गरम पानी के सोते हैं जिन्हें शारीरिक विकार दूर करने वाला बताया जाता है | विशेषज्ञों का मानना है कि यहाँ के पानी में खनिजों की भरपूर मात्रा शरीर के विकार दूर कर देती है |



7. पुष्कर सरोवर
कहाँ हैं : पुष्कर, राजस्थान

ख़ासियत : हिंदू धर्म के पाँच पवित्र धामों में से एक पुष्कर को महाभारत और रामायण जैसे पवित्र ग्रंथों में ज़िक्र मिला है | प्राचीन काल से ही स्थानीय लोगों का ये मानना है कि इस पवित्र झील में डुबकी लगाने से सारे पाप धुलते हैं और शारीरिक बीमारियों से निजात मिलता हिया | मानो या न मानो, मगर लोगों का दावा है कि यहाँ लगाई एक डुबकी कैंसर का इलाज कर सकती है!




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Sunday, 12 July 2020

भारत की 30 टूरिस्ट लोकेशन, जिसे कुदरत ने बेहद खूबसूरती से इसे सजाया है।

भारत की 30 टूरिस्ट लोकेशन, जिसे कुदरत ने बेहद खूबसूरती से इसे सजाया है।
ज़िन्दगी एक बार मिली है, तो खुल के जी लो। क्या पता अगले जन्म में कुत्ता बिल्ली बन गए और क्यूट पप्पी नहीं हुए तो कैसे गुज़रेगी ज़िन्दगी, क्या मालूम। इसलिए इस ज़िन्दगी में कहीं नहीं, तो भारत में ऐसी 30 अप्रतिम जगहें हैं, जहाँ घूमें बिना यमराज को ले जाने की परमिशन नहीं देना। चलिए फिलहाल तो लॉकडाउन है, यानि घर छोड़ के कहीं नहीं जा सकते, तो क्यों ना इस वक्त का फायदा उठाएँ, और अपनी ट्रैवल लिस्ट अपडेट कर ली जाए! 


1. लतमॉसिंग, मेघालय
प्रकृति की गोद में सुकून के कुछ पलों की तलाश करने के लिए लतमॉसिंग गाँव के दर्शन को ज़रूर जाएँ।

2. चेट्टिनाड पैलेस, तमिलनाडु
तमिलनाडु का चेट्टिनाड पैलेस में कला, वास्तु और संस्कृति इतने भीतर तक घुल मिल गए हैं, जो इसे हमारी लिस्ट में टॉप 30 में जगह देता है।

3. 13 आर्क ब्रिज, केरल
केरल में कोल्लम ज़िले के काज़ाथुरुथि में बना है 13 आर्क ब्रिज। वास्तु और सुन्दरता के मामले में बेजोड़। यक़ीन नहीं होगा कि महज़ चट्टान से इस ब्रिज को क़रीबन 100 साल पहले बनाया गया था। एक बार देखने ज़रूर जाएँ।

4. टाडा झरना/ उबलंबादुगु झरना, आंध्र प्रदेश
आंध्र में बहुत झरने हैं, जिनके नाम शायद आपको भी याद हों, लेकिन ख़ूबसूरत पहाड़ियों और हरियाली के लिए टाडा झरने को घूमने का मौक़ा ना छोड़ें। एक क़िस्म की शान्ति की तलाश में आने वालों के लिए तो यह स्वर्ग से कम नहीं

5. अरवालेम गुफ़ाएँ, गोआ
गोआ जैसा आज है, वैसा सालों पहले नहीं था। एक समय महाभारत के कौरवों पाण्डवों का भी था। अरवालेम की गुफ़ाओं में चट्टानों को काट कर उसी समय को दिखाने का अद्भुत प्रयास किया गया है। बिचोलिम क़स्बे से महज़ 9 किमी0 दूर इन गुफ़ाओं को घूमना आपके लिए एक नए अनुभव से कम नहीं है।

6. झातिंगरी, हिमाचल प्रदेश
बरोट की तरफ़ चलते हुए घटसनी से 5 किमी0 दूर पड़ता है यह छोटा सा पवित्र धाम। किसी शान्त जगह की तलाश में आने वालों को इस जगह से प्यार हो जाएगा।

7. दूधपथरी, कश्मीर
भारत में घास के मैदानों की सुन्दरता का हिसाब लगाया जाए तो दूधपथरी अव्वल नंबर पर आता है। श्रीनगर से 42 किमी0 दूर है ये छोटी सी जन्नत।

8. इदुक्की, केरल
टूरिस्टों की भीड़ से दूर केरल के सर्वाधिक सुन्दर ज़िलों में एक इदुक्की में स्वागत है। जंगलों से गुज़रती हुई सड़कों पर घूमने का मज़ा कुछ और ही है यहाँ।

9. चालाकुड़ी, केरल
मुन्नार और थेकड़ी से आगे निकलोगे तो पाओगे कि चालाकुड़ी नाम की जगह भी देखने लायक है। पहाड़ियाँ, जंगल, बड़े बड़े झरने और मुनक्कल बीच देखने के लिए मौक़ा बढ़िया है।

10. नागरहोल राष्ट्रीय पार्क
यूनेस्को की हेरिटेज साइट नागरहोल राष्ट्रीय पार्क किसी फ़ोटोग्राफ़र के लिए खुला हुआ ख़ज़ाना है। जानवरों के साथ-साथ पेड़ पौधों और जंगली सम्पदा को जानने समझने के लिए यहाँ आ सकते हैं आप।

11. अदालज का कुआँ, गुजरात
भारत की वास्तुकला कितनी सुन्दर है, यहाँ आकर ही पता लगता है। अगर आप ख़ुद को बड़ा ट्रैवलर कहलाना चाहते हो, तो यहाँ घूमने का प्लान जल्दी से बना लो।

12. मैथॉन, झारखण्ड
नई नई जगहों को तलाशने का शौक़ है तो मैथॉन आकर आपकी मंज़िल पूरी होगी।

13. डॉ0 सलीम अली बर्ड सैंचुरी, गोआ
चोराओ द्वीप पर स्थित इस बर्ड सैंचुरी के लिए रीबानगर से रिक्शा चलते हैं । आपको यहाँ पलायन करके आए हुए पंछी जिनमें अधिकांशतः साइबेरिया के होते हैं भारी तादाद में देखने मिलते हैं ।

14. चिखलदरा, महाराष्ट्र
किचकदरी और शक्कल झीलें इस छोटी सी जगह की सुन्दरतम अनुभूतियों में शुमार हैं। यहाँ आएँ तो गाविलघुर क़िला बिल्कुल न छोड़ें जहाँ से शुरू होने के बाद प्राचीन मन्दिर और वन्य जीवों का म्यूज़ियम भी मिलेगा। बच्चों को कुछ नया दिखाने के लिए ये जगह परफ़ेक्ट रहेगी।

15. बादामी गुफ़ाएँ, कर्नाटक
कर्नाटक के बगलकोट ज़िले में स्थित ये गुफ़ाएँ चालुक्य वंश की धरोहर हैं। यह जगह छठी शताब्दी में चालुक्य वंश की राजधानी हुआ करती थी।

16. हफलोंग, असम
हफलोंग झील की तारीफ़ में बस यही क़सीदा सुन लीजिए कि जिस जिस का मन दुनिया से ऊबा है, उन्होंने यहाँ आकर फिर से मोह माया में लौटने का मन बना लिया है।

17. लुगनक वैली, जम्मू- कश्मीर
ज़ंस्कार वैली के दक्षिण पूर्व हिस्से में स्थित लुगनक वैली 12वीं शताब्दी में गुफ़ाओं वाला मठ हुआ करता था। आज के ज़माने में यह वैली 70 साधुओं का घर है। लेकिन इसके इतर एक ख़ासियत जो इस वैली को औरों से अलग करती है वह है यहाँ पहुँचने का साधन। आपको यहाँ पहुँचने के लिए अपने पाँव का ही सहारा लेना पड़ेगा। कोई और तरीक़ा नहीं है जो आपको यहाँ पहुँचा सके।

18. चोपटा, उत्तराखंड
अपने ट्रेकिंग के कीड़े को शान्त करने के लिए चोपटा से बेहतर और क्या हो सकता है! छोटा सा गाँव ट्रेकिंग वालों के लिए तुंगनाथ और चन्द्रशिला में बेस कैंप की व्यवस्था रखता है। अकेले सुकून पाने वालों की तलाश यहाँ आकर ख़त्म होती है।

19. यूफेमा, नागालैंड
नागा झोपड़ियाँ, देसी पहनावा, अपने रंग में महकती हुई संस्कृति और चावल वाली दारू, यूफेमा आपको किसी और ही दुनिया में लेकर जाता है। नागालैंड के दिल में बसता है यह आदिवासी गाँव। पहाड़ी संस्कृति से मिलना हो, तो बस यहीं का प्लान बनाइए।

20. लोकतक झील, मणिपुर
दुनिया का अकेला राष्ट्रीय पार्क, जो पानी पर तैर रहा है लोकतक झील के नाम से प्रसिद्ध है। क्योंकि ये शांत जगह है तो यहाँ होने का अनुभव भी अछूता होगा आपके लिए। पूर्वोत्तर भारत में आए और यहाँ नहीं घूमे तो पूर्वोत्तर का ट्रिप अधूरा है।

 21. चूचेन, सिक्किम
बाहरी दुनिया से अछूती जगह है सिक्किम की यह जन्नत। राहुनी गुफ़ाएँ, खानदोनसंगफुग गुफ़ाएँ, फुर्तशाचु का गर्म सोता और ऐसा बहुत कुछ है इसके बारे में बताने के लिए।

22. दांसबोंग क़िला ,थारंगमबड़ी
थारंगमबड़ी का मतलब निकालें तो वो जगह जहाँ हवाओं का संगीत गूँजता है। 1620 ई0 में बना यह क़िला आज भी दक्षिण भारत में प्रवेश करने का अनोखा रास्ता है।

23. काशिद, महाराष्ट्र
बीच की सफ़ेद खुरदुरी रेत और दूर डूबता हुआ सूरज, काशिद को कुछ इसी तरह से जाना जाता है। अगर आप थाइलैंड के फि फि आइलैंड से इसकी तुलना करेंगे तो कुछ कम नहीं होगा।

 24. चतपल, कश्मीर
कहते हैं कश्मीर इतना सुन्दर है कि इसकी सुन्दरता अभी तक किसी ने पूरी नहीं देखी। ढेरों ऐसी जगहें हैं जो आज भी लोगों के लिए अनछुई हैं। चतपल को मिनी पहलगाम कहते हैं, एक क़िस्म की शान्ति की खोज में आते हैं लोग। बिना बिजली के यहाँ रहना कुछ अलग ही अनुभव होगा, नहीं।


25. स्यालसौर, उत्तराखंड
मंदाकिनी नदी के शान्त लहरों पर बसता है स्यालसौर, जहाँ किसी बदमाश को आने की इजाज़त नहीं है।

26. अथिरापिली जलप्रपात, चलकुडी
शोलायर पहाड़ों की रेंज पर ही मिलता है अथिरापिली का झरना। बहुत ज़्यादा भीड़ भड़क्का नहीं मिलेगा आपको यहाँ। इस जलप्रपात की ऊँचाई कुल 80 फ़ीट है और चलकुडी नदी तो इसके साथ आपकी बाक़ी ख़्वाहिशें पूरी कर ही देगी।

27. अराकु वैली, विशाखापट्टनम
  गोलकोंडा, रक्तकोंडा और चितमोगोंडी की पहाड़ियों की गोद में स्थित इस अराकु वैली में पर्यटन के ढेरों संभावित रास्ते खुले हुए हैं। बस आपको निकलने की तलाश है।

28. मुरुड, महाराष्ट्र
जांजिरा, समुद्री क़िला है जिसके बारे में आपने ज़रूर कभी सुना होगा। जब आप यहाँ पर होंगे तो ये ज़रूर पता करने की कोशिश करिएगा कि इसे बनाया कैसे गया होगा।

29. चंपानेर-पावागढ़, गुजरात
अगर अपने अन्दर का इतिहासकार कहीं ज़िन्दा है तो इस प्राचीन क़स्बे की नुमाइश को बेहद तलबग़ार हो जाएगा। ताम्र काल का यह क़स्बा आपको एक नई दुनिया में लेकर जाता है, जहाँ हिन्दुओं का पहाड़ीनुमा क़िला हुआ करता था। यहाँ आज भी 16वीं सदी की मस्जिदें, मंदिर, मक़बरे, कुएँ और टैंक हैं।

30. एडक्कल, केरल
6,000 साल पहले एडक्कल की इन्हीं चट्टानों पर किसी ने कलाकारी की थी, आज ये चट्टानें लोगों के लिए यहाँ आने का कारण हैं। यहाँ की गुफ़ाएँ 8,000 साल पुरानी हैं, जो इसे पुरातात्त्विक तो बनाती ही हैं, साथ ही अपने पूर्वजों का जानने का मौक़ा भी देती हैं।

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